Himachal Politics: शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस को झटका, मंत्रियों से हार के कारण पूछेंगे मुख्यमंत्री सुक्खू
Himachal Politics: Setback for Congress in Urban Local Body Elections
शिमला। Himachal Politics: Setback for Congress in Urban Local Body Elections, व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य से सत्ता में आई कांग्रेस सरकार को उपचुनाव जीतने के बाद शहरी निकाय चुनाव में कुछ मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा है। शिमला स्थित राज्य सचिवालय के शिखर सम्मेलन हाल में 22 मई को मंत्रिमंडल की बैठक में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित मंत्री धनीराम शांडिल, विक्रमादित्य सिंह, राजेश धर्माणी व रोहित ठाकुर हार के कारणों पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को फीडबैक देंगे।
बैठक में शहरी निकाय चुनाव परिणाम पर चर्चा होगी। बेशक चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन पार्टी के लिए चिंता का विषय यह है कि दिग्गज मंत्रियों के विधानसभा व गृह जिलों में कई नगर परिषद व नगर पंचायतों में हार का सामना करना पड़ा है।
कमियां दूर करने पर होगा मंथन
जिन मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस की हार हुई है, उन मंत्रियों से हार के कारण भी पूछे जाएंगे। मंत्री जो कारण बताएंगे, उन कमियों को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दूर करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि चार नगर निगमों व जिला परिषद सदस्यों के चुनाव परिणाम 31 मई को आने के बाद प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट होगी।
हार के सही कारणों की जानकारी देंगे मंत्री
ऊना जिले के हरोली की नगर पंचायत टाहलीवाल पर भाजपा का कब्जा हुआ है, जो उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का गृह क्षेत्र है। शिमला जिले की रामपुर नगर परिषद पर भी भाजपा ने जीत दर्ज की है, जहां हमेशा कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। यह क्षेत्र मंत्री विक्रमादित्य सिंह से भी जुड़ा है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के गृह जिले बिलासपुर में चारों शहरी निकायों में भाजपा ने भारी जीत हासिल की।
सोलन में पांच में 4 निकायों में भाजपा
सोलन जिले में पांच निकायों में से चार पर भाजपा और एक पर कांग्रेस विजयी रही, यह स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल का गृह जिला है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र जुब्बल कोटखाई में एक शहरी निकाय जुब्बल में कांग्रेस की जीत और कोटखाई में हार हुई है। कोटखाई क्षेत्र से प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट सहित कई अन्य नेता संबंध रखते हैं। सभी मंत्री हार के सही कारणों को मंत्रिमंडल बैठक में साझा करेंगे।